Posts

Showing posts from April, 2026

कमरूनाग मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं की ट्रेवलर हादसे का शिकार, ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित हुई ट्रेवलर; खाई में गिरने से पहले पहाड़ी से टकराई गाड़ी, सभी 9 घायल खतरे से बाहर

Image
गोहर मंडी अपडेट्स (गोहर)  कमरूनाग मंदिर से दर्शन कर लौट रहे सोलन जिले के श्रद्धालुओं से भरी ट्रेवलर मंगलवार को हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि शाला के पास ब्रेक फेल होने से ट्रेवलर अनियंत्रित हो गई। चालक की सूझबूझ से वाहन को पहाड़ी से टकरा दिया गया, जिससे ट्रेवलर खाई में गिरने से बच गई और बड़ा हादसा टल गया। हादसे में 12 में से 9 लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस व स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को 108 एंबुलेंस से नागरिक अस्पताल गोहर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं। थाना प्रभारी देवराज ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे का कारण ब्रेक फेल होना सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पंडोह रोपवे निजी हाथों में, किराया बढ़ा—स्थानीयों में विरोध

गोहर मंडी अपडेट्स मंडी। पंडोह क्षेत्र स्थित माता बगलामुखी रोपवे अब पूरी तरह निजी कंपनी स्की हिमालयास के हवाले कर दिया गया है। पहले इसका संचालन राज्य पर्यटन विकास निगम (RTDC) करता था, लेकिन बढ़ते खर्च के चलते यह फैसला लिया गया। नई व्यवस्था के साथ ही रोपवे का किराया 350 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। साथ ही 2025 की आपदा के बाद 12 पंचायतों को दी गई रियायत भी लगभग समाप्त कर दी गई है। अब केवल 3 पंचायतों के लोगों को ही छूट मिलेगी। गौरतलब है कि आपदा के बाद यह रोपवे 12 पंचायतों के लिए जीवनरेखा बना हुआ था, जब पंडोह-बखाली-कुकलाह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। उस समय किराया मात्र 50 रुपये रखा गया था। स्थानीय लोगों में नाराजगी सराज क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने किराया बढ़ोतरी का विरोध शुरू कर दिया है। नेत्र सिंह, चूड़ामणि, कांती राम और श्यामलाल का कहना है कि जब तक कुकलाह के लिए नया पुल नहीं बन जाता, तब तक बढ़ा हुआ किराया लागू नहीं होना चाहिए। कंपनी उठाएगी पूरा खर्च नई व्यवस्था के तहत अब स्की हिमालयास कंपनी ही रोपवे के संचालन, रखरखाव, डीजल और बिजली का खर्च उठाएगी। इसके बदले RTDC ...

हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिना अन्य दावेदार के दूसरी पत्नी को पेंशन का अधिकार

गोहर मंडी अपडेट्स। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पारिवारिक पेंशन से जुड़े एक अहम मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की पहली पत्नी की मृत्यु उसके जीवनकाल में हो चुकी हो और पेंशन का कोई अन्य दावेदार न हो, तो दूसरी पत्नी को पेंशन का अधिकार दिया जाएगा। यह मामला एक कर्मचारी की दूसरी पत्नी से जुड़ा है, जिसने पेंशन के लिए याचिका दायर की थी। कर्मचारी ने दूसरी शादी उस समय की थी जब उसकी पहली पत्नी जीवित थी। पहली पत्नी की कोई संतान नहीं थी और उनका निधन वर्ष 2015 में हो गया था। इसके बाद वर्ष 2021 में कर्मचारी की मृत्यु हो गई। दूसरी पत्नी से उसके दो बच्चे हैं। राज्य सरकार ने फरवरी 2022 में दूसरी पत्नी के पेंशन दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि विवाह पहली पत्नी के जीवित रहते हुआ, जो कानूनी रूप से मान्य नहीं है। हालांकि, न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने इस तर्क को अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी की मृत्यु कर्मचारी के जीवनकाल में हो चुकी थी और उसका कोई वारिस नहीं है। ऐसे में पेंशन पर दावा करने वाला कोई अन्य व्...