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मंडी पहुंचे बड़ा देव कमरूनाग, शिवरात्रि कारज शुरू

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गोहर मंडी अपडेट्स   मंडी— अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव-2026 में भाग लेने के लिए मंडी जनपद के आराध्य देव बड़ा देव कमरूनाग शनिवार को मंडी पहुंचे। राज माधोराय मंदिर में उपायुक्त एवं शिवरात्रि महोत्सव समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन ने उनका विधिवत स्वागत कर पूजा-अर्चना की। देव आगमन के साथ ही शिवरात्रि महोत्सव के पारंपरिक धार्मिक कारज शुरू हो गए। बड़ा देव कमरूनाग अब सात दिनों तक टारना माता मंदिर में विराजमान रहकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि 16 से 22 फरवरी तक आयोजित होने वाले महोत्सव में 216 देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया है। इससे पहले पुलघराट में स्वागत समिति ने देवता का पारंपरिक स्वागत किया।

थुनाग मिनी सचिवालय में अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित

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गोहर मंडी अपडेट्स / थुनाग मिनी सचिवालय थुनाग परिसर में अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव एवं जागरूकता के उद्देश्य से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव उपायों और सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल का प्रदर्शन सब फायर ऑफिसर कुलदीप राणा ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों व स्वयंसेवकों के साथ किया। कार्यक्रम में उपमंडलाधिकारी (नागरिक) संजीत शर्मा, नायब तहसीलदार अर्जुन सिंह परमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल का उद्देश्य लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना रहा।

बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

गोहर मंडी अपडेट्स ज़िला बाल संरक्षण इकाई मंडी ने बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया पर एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की, जिसमें विभिन्न विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के करीब 50 सदस्यों ने भाग लिया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन.आर. ठाकुर ने बताया कि दत्तक ग्रहण अधिनियम-2022 के तहत प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। कोई भी दंपति या एकल महिला/पुरुष बच्चा गोद ले सकता है। आवेदन सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाता है। लोक मित्र केंद्र, साइबर कैफे या जिला कार्यालय में भी सहायता ली जा सकती है। आधार कार्ड, पैन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, मेडिकल फिटनेस, जन्म प्रमाण पत्र और फोटो जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। कार्यशाला में बाल विवाह रोकने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने वर्ष 2030 तक “बाल विवाह मुक्त भारत” के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रतिभागियों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई।