सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला: 7 नेताओं से छीनी कैबिनेट रैंक, पढ़ें पूरी खबर
गोहर मंडी अपडेट्स (हिमाचल) प्रदेश में आर्थिक तंगी के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुखू की सरकार ने बड़ा और प्रतीकात्मक कदम उठाया है। सरकार ने सात रसूखदार पदाधिकारियों से कैबिनेट रैंक वापस लेकर उनकी शानो-शौकत पर सीधा प्रहार किया है। इस फैसले के बाद अब सचिवालय में इनकी पकड़ और सुविधाओं का दौर लगभग खत्म हो जाएगा।
फॉर्च्यूनर से सादगी तक
अब तक मंत्री स्तर की सुविधाएं ले रहे इन नेताओं की फॉर्च्यूनर गाड़ियां सरकार वापस लेगी। हाल ही में खरीदी गई नई गाड़ियां भी अब सरकारी गैरेज में खड़ी नजर आएंगी। इनके साथ तैनात निजी स्टाफ, सचिव और अन्य कर्मचारी भी हटाए जाएंगे।
वेतन पर बड़ी कटौती
करीब 2.50 लाख रुपये मासिक वेतन पाने वाले पदाधिकारियों की सैलरी में 20% यानी लगभग 50 हजार रुपये की कटौती होगी। साथ ही TA/DA जैसी सुविधाएं भी खत्म कर दी गई हैं। सरकार का अनुमान है कि इससे हर साल 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की बचत होगी।
इन पर गिरी गाज
इस फैसले की जद में कई बड़े नाम आए हैं—
नरेश चौहान (मीडिया सलाहकार)
सुनील कुमार बिट्टू (राजनीतिक सलाहकार)
नंदलाल (वित्त आयोग अध्यक्ष)
भवानी सिंह पठानिया
केहर सिंह खाची
गोकुल बुटेल
आरएस बाली
सरकार का संदेश साफ
सरकार का कहना है कि जब प्रदेश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, तो खर्चों में कटौती की शुरुआत सरकार को खुद से करनी होगी। यह फैसला जनता के बीच सख्त लेकिन जिम्मेदार शासन का संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।
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