Posts

Showing posts from September, 2026

दियोटसिद्ध में उमड़ा आस्था का सैलाब, 10 हजार श्रद्धालुओं ने किए बाबा बालकनाथ के दर्शन

Image
गोहर मंडी अपडेट्स दियोटसिद्ध।   उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। छुट्टी के दिन करीब 10 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में शीश नवाया और सुख-समृद्धि की कामना की। रविवार सुबह करीब 5 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालु दर्शनों के लिए कतारों में लग गए। दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। पूरा दियोटसिद्ध क्षेत्र ‘जय बाबा जी दी’ के जयकारों से गूंजता रहा। 500 श्रद्धालुओं का जत्था रहा आकर्षण मोहाली, पंजाब से भक्त अरुण की अगुवाई में करीब 500 श्रद्धालुओं का विशेष जत्था दियोटसिद्ध पहुंचा। हाथों में लाल झंडे लेकर बाबा के जयकारे लगाते हुए जत्थे ने मंदिर में प्रवेश किया। इस दौरान अधिकांश पुरुष श्रद्धालु भगवा कुर्ता-पायजामा और महिलाएं भगवा सूट पहने हुए थीं। एक साथ भगवा वस्त्रों में पहुंचे श्रद्धालु आकर्षण का केंद्र रहे। मंदिर प्रशासन और पुलिस ने संभाली व्यवस्था श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। मंदिर अधिकारी राजेश शर्मा दिनभर मंदि...

बलजीत कौर को मिलेगा तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित

Image
गोहर मंडी अपडेट्स  सोलन।   हिमाचल की बेटी और पर्वतारोही बलजीत कौर को तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड दिया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें साहसिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए यह सम्मान देंगी। बलजीत को सम्मान मिलने से सोलन सहित पूरे हिमाचल में खुशी है। बलजीत कौर सोलन जिले की कंडाघाट तहसील के एक छोटे से गांव से हैं। उनके पिता अमरीक सिंह एचआरटीसी में बस चालक हैं और मां शांति देवी गृहिणी हैं। बचपन में बलजीत अपनी मां के साथ खेतीबाड़ी में हाथ बंटाती थीं। इसके बाद उन्होंने पर्वतारोहण को अपना लक्ष्य बनाया। एक के बाद एक हासिल कीं उपलब्धियां 12 मई 2021 को बलजीत ने नेपाल की 7,161 मीटर ऊंची माउंट पुमोरी चोटी फतह की। उन्होंने वहां तिरंगा फहराया। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला बनीं। इसी साल उन्होंने 8,167 मीटर ऊंची माउंट धौलागिरी चोटी भी फतह की। इसके बाद उन्होंने माउंट एवरेस्ट, ल्होत्से और मकालू जैसी ऊंची चोटियों को फतह किया। इन तीनों चोटियों पर चढ़ाई उन्होंने 7 दिन, 2 घंटे और 8 मिनट में पूरी की। इसके बाद उन्होंने 25 घंटे 20 मिनट में एवरेस्ट और ल्होत्से की...